Explore Chapter 5: Yah Danturit Muskaan aur Fasal by Nagarjun with structured data tables for quick revision. Understand themes of social life, nature, human emotions, and poetic features in an organized format, helping CBSE students grasp concepts clearly and retain them easily.
| कवि का नाम | जन्म वर्ष और स्थान | मूल नाम और उपनाम | प्रमुख काव्य कृतियाँ | पुरस्कार और सम्मान | साहित्यिक विशेषताएँ | मृत्यु वर्ष |
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| नागार्जुन | सन् 1911, बिहार के दरभंगा जिले के सतलखा गाँव | मूल नाम: वैद्यनाथ मिश्र, उपनाम: यात्री (मैथिली में) | युगधारा, सतरंगे पंखों वाली, हज़ार-हज़ार बाँहों वाली, तुमने कहा था, पुरानी जूतियों का कोरस, आखिर ऐसा क्या कह दिया मैंने, मैं मिलिट्री का बूढ़ा घोड़ा | हिंदी अकादमी दिल्ली का शिखर सम्मान2. उत्तर प्रदेश का भारत भारती पुरस्कार3. बिहार का राजेंद्र प्रसाद पुरस्कार4. मैथिली भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार | लोकजीवन से गहरा सरोकार, भ्रष्टाचार और राजनीतिक स्वार्थ पर प्रहार, व्यंग्य में माहिर, 'आधुनिक कबीर' और 'जनकवि' के रूप में प्रसिद्ध। उन्होंने छंदबद्ध और मुक्त छंद दोनों में लेखन किया तथा राजनीतिक सक्रियता के लिए भी जाने जाते हैं। | सन् 1998 |
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